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![]() ![]() Join Date: 6th June 2009 Location: Exbii Posts: 1,098 Rep Power: 8 Points: 1693 + 25 Added. Repped. |
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#2683
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साधना आराधना मेरी रह गई अधूरी . . .
फिल्म : नाचे मयूरी ( १९८६ )
गीत : आनंद बक्षी संगीत : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल स्वर : लता मंगेशकर साधना आराधना मेरी रह गई अधूरी -२ देख ओ नटराजा देख मेरी ये मजबूरी कैसे नाचे मयूरी -२ नाचे मयूरी साधना आराधना ... मैने कितने दीप जलाए -२ मैने कितने फूल चढ़ाए भूल हुई क्या मुझसे देवा भूल गया तू मेरी सेवा ओ कैलाश के वासी मेरी आत्मा रह गई प्यासी मेरी पूजा हुई न पूरी साधना आराधना ... मैं रोऊँ मैं तड़पूँ ऐसे -२ पँख बिना कोई पंछी जैसे पहले छम-छम बजते घुँघरू अब छम-छम बहते हैं आँसू मैं चल भी न पाऊँ मैं क्या नाचूँ मैं क्या गाऊँ मन की टूट गई बाँसुरी साधना आराधना ... तन घायल मन मेरा घायल तूने तोड़ी मेरी पायल फिर भी जीवन भर नाचूँगी छम-छम रो-रो कर नाचूँगी गिर जाऊँगी पर नाचूँगी मर जाऊँगी पर नाचूँगी मैं इक पाँव पर नाचूँगी -२ मर जाऊँगी पर नाचूँगी |
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#2684
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मेरा तुझ से है पहले का नाता कोई . . .
फिल्म : आ गले लग जा ( १९७३ )
गीत : साहिर लुधियानवी संगीत : राहुल देव बर्मन स्वर : किशोरकुमार , सुषमा श्रेष्ठ मेरा तुझ से है पहले का नाता कोई यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई जाने तू या जाने न माने तू या माने न धुआँ-धुआँ था वो समा यहाँ-वहाँ जाने कहाँ तू और मैं कहीं मिले थे पहले देखा तुझे तो दिल ने कहा जाने तू या जाने न माने तू या माने न तू भी रही मेरे लिए मैं भी रहा तेरे लिए पहले भी मैं तुझे बाहों में लेके झूमा किया और झूमा किया जाने तू या जाने न माने तू या माने न देखो अभी खोना नहीं कभी जुदा होना नहीं अब खेल में यूँही रहेंगे दोनों वादा रहा ये इस शाम का जाने तू या जाने न माने तू या माने न तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई जाने तू या जाने ना, माने तू या माने ना देखो अभी खोना नहीं, कभी जुदा होना नहीं हरदम यूँ ही मिले रहेंगे दो नैन वादा रहा ये इस शाम का जाने तू या जाने ना, माने तू या माने ना वादे गये बातें गईं, जागी जागी रातें गईं चाह जिसे मिला नहीं, तो भी कोई गिला नहीं अपना तो क्या जिये मरे चाहे कुछ हो तुझको तो जीना रास आ गया जाने तू या जाने ना, माने तू या माने ना तेरा मुझसे ... ललल्ललल ... |
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#2685
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ना कोई दिल में समाया ना कोई पहलू में आया . . .
फिल्म : आ गले लग जा ( १९७३ )
गीत : साहिर लुधियानवी संगीत : राहुल देव बर्मन स्वर : किशोरकुमार ना कोई दिल में समाया ना कोई पहलू में आया जा के भी पास रहीं तुम ही और जान-ए-जाँ जान-ए-मन जानती हो ना कोई दिल में ... क्यों तुमने दामन चुराया तुम जानों मैं क्या बताऊँ मुझमें ही कुछ ऐब होगा क्यों तुम पे तोहमत लगाऊँ मैं तो यहीं कहूँगा पूछोगी जब भी जा के भी पास ... तुम जो मुझे दे गई हो इक ख़ूबसूरत निशानी लिपटा के सीने से उसको कट जाएगी ज़िन्दगानी मैं तो यहीं कहूँगा पूछोगी जब भी जा के भी पास ... |
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#2686
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वादा करो नहीं छोड़ोगी तुम मेरा साथ . . .
फिल्म : आ गले लग जा ( १९७३ )
गीत : साहिर लुधियानवी संगीत : राहुल देव बर्मन स्वर : किशोरकुमार , लता मंगेशकर कि : वादा करो नहीं छोड़ोगी तुम मेरा साथ जहाँ तुम हो वहाँ मैं भी हूँ -२ आ : छुओ नहीं देखो ज़रा पीछे रखो हाथ जवाँ तुम हो जवाँ मैं भी हूँ -२ कि : सुनो मेरी जाँ हँस के मुझे ये कह दो भीगे-भीगे लबों की नरमी मेरे लिए है जवाँ नज़र की मस्ती मेरे लिए है हसीं अदा की शोख़ी मेरे लिए है मेरे लिए ले के आई हो ये सौग़ात जहाँ तुम हो ... आ : छुओ नहीं देखो ... मेरे ही पीछे आख़िर पड़े हो तुम क्यों इक मैं जवाँ नहीं हूँ और भी तो हैं हो मुझे ही घेरे आख़िर खड़े हो तुम क्यों मैं ही यहाँ नहीं हूँ और भी तो हैं जाओ जा के ले लो जो भी दे-दे तुम्हें हाथ जहाँ सब हैं वहाँ मैं भी हूँ -२ कि : वादा करो नहीं ... |
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#2687
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नौकरी सौ की हज़ार की क़ीमत नहीं होती प्यार की .
फिल्म : आहुति ( १९७८ )
गीत : आनंद बक्षी संगीत : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल स्वर : किशोरकुमार , अनुराधा पोंडवाल कि : नौकरी सौ की हज़ार की क़ीमत नहीं होती प्यार की प्यार अनमोल है एक मीठा बोल है मीठी-मीठी बातें यार की नौकरी सौ की ... दो : नौकरी सौ की ... कि : मुश्क़िल राहों से अक्सर बचकर लोग निकलते हैं फूलों के जो आशिक़ हैं वो काँटों पे चलते हैं छोड़ के गलियाँ बहार की अ : नौकरी सौ की ... दो : नौकरी सौ की ... अ : प्यार नहीं करता कोई दौलत के दीवानों से वो क्या जानें फ़र्क़ है क्या दिल और दुकानों में दिल अमानत दिलदार की दो : नौकरी सौ की ... कि : बरसेगी बन के घटा ये अपनी जो प्यास है अ : ये अपनी जो प्यास है हम जागे उसके लिए अब वो सुबह पास है कि : वो सुबह पास है दो : रात बीती इन्तज़ार की नौकरी सौ की ... |
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#2688
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#2689
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i m loving it
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#2690
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कच्चे धागे के साथ जिसे बाँध लिया जाए . . .
फिल्म : कच्चे धागे (१९७३)
गीत : आनंद बक्षी संगीत : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल स्वर : लता मंगेशकर कच्चे धागे के साथ जिसे बाँध लिया जाए वो बन्दी क्या छूटे वहीं पे जिए वहीं मर जाए कच्चे धागे के ... जिन पे चल न पाए ज़ंजीरों की जोरा-ज़ोरी उनको खींच के ले आए कच्ची रेशम की डोरी किसी ने सच ही कहा है कि दो ही बातों के बीच मन का मीत बन जाए वो दुश्मन जो बड़े-बड़ों के कभी हाथ न आए कच्चे धागे के ... ऐसा भी आता है कोई मस्त पवन का झोंका गंगा-जल पे भी हो जाता है मदिरा का धोखा किसी ने सच ही कहा है कि झूठे वादे के साथ जिसे तोड़ दिया जाए वो बन्धन क्या जुड़े जुड़े तो जुड़े गांठ पड़ जाए कच्चे धागे के ... मन-मन्दिर में सूरत तेरी रोज़ करूँ मैं पूजा मेरा तेरे द्वार बिना प्रीतम नाहीं घर दूजा किसी ने सच ही कहा है कि सच्चे नाते के साथ जिसे प्रेम किया जाए वो पंछी क्या उड़े उड़े तो उड़े लौट कर आए कच्चे धागे के ... |