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#71
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एक बार राज्य मैं भयंकर अकाल पर जाता हैं तो सभी अकबर के दरबार मैं फ़रियाद करते हैं उनमे से सभी लोग अपनी अपनी राय देते हैं एक पंडत ये राय देते हैं की अगर बीरबल को हंसी आ जाये तो बरसात हो जाएगी सभी बीरबल को हंसाने की कोशिश करते हैं वो नहीं हँसता तब अकबर उसे देश भ्रमण के लिए भेज देते हैं बीरबल धूमता घुमाता एक जंगल मैं पहुच जाता रात हो जाती हैं तो उसे वहां दूर एक खुला प्रांगन नज़र आता हैं वो जाके उसमे एक कोने मैं बैठ जाता हैं !
इतनी देर मैं एक धोबी अपने गधे को dhoondta हुवा आता हैं और भी एक कोने मैं बैठ जाता हैं थोड़ी देर मैं एक गन्ने वाला आता हैं वो भी तीसरे कोने मैं बैठ जाता हैं रIत और गहरी हो जाती हैं इतने मैं कई दूर से एक जोड़ा भी आ जाता हैं ! चारो बैठे रहते हैं जोड़े को नहीं मालूम की और भी लोग बैठे हैं बस वो शुरू हो जाते हैं ! अब आदमी औरत को मचक के चोद रहा हैं PAKA PAK BHAKA BHAK औरत " आ आ ऊईईई " आदमी: "क्यों मजा आ रहा हैं " औरत " हां" आदमी : "क्यों TRILOK DIKH रहा हैं " औरत : "हाँ" इतने मैं धोबी बोलता हैं "अरे भाया अगर मेरा गधा भी दिखे तो बता देना " औरत " जल्दी से निकाल लो " गन्ना वाला : " भेन्चोद ऐसे कैसे निकाल लो पुरे गिन कर रखे हैं " ये सब सुन कर बीरबल को हंसी आ जाती हैं और बरसात हो जाती हैं ! एक किसान बड़ी बुरी हालत में अपनने गाँव आया, सबने पूछा - क्या हुआ ? किसान- मंडी में अनाज बेच रहा था ''गेहूं ले लो'' उन्होंने समझा '' गे हूँ ले लो'' पंडित- आपकी बहू के तीन abortion होंगे फिर पुत्र होगा. सास- हे भगबान. बहू- माँ जी आप पोते की तैयारी करो abortion का कोटा तो मै मायके में ही पूरा कर चुकी हूँ. लड़के वाले- लड़का क्लर्क है 7000 पगार है 10000 ऊपर से कमा लेता है. लड़की वाले- लड़की नर्स है 3000 पगार है 50000 नीचे से कमा लेती है. ![]() Last edited by cutesaladka : 25th November 2009 at 12:54 AM. |
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एक महिला ज्योतिष से: क्या मेरे भाग्य में दौलत की लकीर है?
ज्योतिष: हां आपके पास दौलत की दो लकीरे है! एक आगे एक पीछे जिससे चाहे दौलत कमाओ! Ladki Ladke Se Kahti Hai: “Jub Hum Ladkiyaa Gandi Baatein Karti Hai To Tum Logo Ke Kaan Kyu Khade Ho Jaate Hai?” Ladka: “Oh! Achha??, To Tum Log Use KAAN Kahte Ho“ Teacher Students Se: “Kisi Esi Cheez Ka Naam Batao Jo Sirf Suna Ho Par Dekha Na Ho?” Johnny: “Behan Ka Lora.” चूहे ने एक पूरा सूट कुतर कर खा लिया फिर भी भूख से मर गया, बताओ क्यूँ? क्यूंकि वो सूट मल्लिका शेरावत का था| Santa Ek Din Ek Nurse Ke Saath Sex Kar Raha Thha Nurse Chilayi Ki Dard Ho Raha Hai Santa: “Bhenchod, Khud Vahan Injection Lagati Hai Jahan Soorakh Hi Nahi Hai, Aur Tujhe Soorakh Mein Dard Ho Raha Hai“ ![]() |
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#73
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जालंधर का कपड़ा व्यापारी संता एक बार व्यापार के सिलसिले में बैंकाक गया। गया तो वह सिर्फ चार दिनों के लिए ही था पर वहां के होटलों की रंगीन रातों ने उसे इतना प्रभावित किया कि उसने वापस आने का विचार एक सप्ताह के लिए टाल दिया। उसने अपने घर पर पत्नी को फोन पर बता दिया कि अभी लौटने में थोड़ा वक्त और लगेगा।
एक सप्ताह बाद भी उसका जाने का मन नहीं हुआ । उसने फिर पत्नी को फोन किया और कहा कि यहां उसे इतना अच्छा रिस्पांस मिल रहा है कि अभी आना संभव नहीं है। एक सप्ताह और लगेगा । अगले सप्ताह भी जब उसने जाने का मन नहीं किया तो एक दिन उसकी पत्नी ने उसे फोन किया - अगर तुम इसी वक्त घर के लिए नहीं निकलें तो जो कुछ तुम वहां खरीद रहे हो, मैं यहां बेचना शुरू कर दूंगी ... जज : तुमने अपने पति को क्यों मारा ? लड़की : वो ऑफिस से आया मुझे रूम में ले केर गया बेड पे लिटाया कपडे उतारे मेरी टाँगें उठाई और कहा "April Fool" शादी के एक हफ्ते बाद दुल्हन से उसकी मां ने फोन पर पूछा , बेटी तूने मेरी दी हुई साड़ियां पहनीं ? कैसी लगीं ? बेटी : एक हफ्ते से वह मुझे कुछ भी पहनने नहीं दे रहे हैं , साड़ी क्या खाक पहनूं... टीचर : सब से ज्यादा कैल्सियम किस दूध में होता है? छात्र : 18 साल की लडकी के क्योकि उस पे मुंह मारो तो जिस्म के उन हिस्सों में भी जान आ जाती है जहाँ हड्डी नहीं होती..................... एक छोटा लड़का बड़ा मादरचोद टाइप का होता है। एक दिन उसका बाप उसके लिए एक छोटी खिलौने वाली ट्रेन ले कर आता है। लड़का ख़ुश हो जाता है और ट्रेन चलाने लगता है। लड़के का बाप पास बैठा-बैठा अख़बार पढ़ता रहता है। लड़का ट्रैन में चाबी भरता था और ट्रेन के चलने पर ख़ुश होता था। चलते-चलते जब ट्रेन रुक जाती है, तो लड़का उछलकर कहता है. "मुंबई से दिल्ली जानेवाली ट्रैन भोपाल पहुँच गई है, जिन बहनचोदों को उतरना है उतर जाएँ, और जिन बहनचोदों को चढ़ना है चढ़ जाएँ"। उसका बाप सोचता है, कि लड़का कहीं गाली तो नहीं दे रहा, और वह लड़के की गतिविधि पर ग़ौर करने लगता है। कुछ देर बाद जब ट्रैन रुकती है तो लड़का फिर वही वाक्य दोहराता है, "मुंबई से दिल्ली जानेवाली ट्रैन ग्वालियर पहुँच गई है, जिन बहनचोदों को उतरना है उतर जाएँ, और जिन बहनचोदों को चढ़ना है चढ़ जाएँ"। बाप को आता है ग़ुस्सा, लड़के को दो थप्पड़ लगाता है और उसकी रेलगाड़ी उठाकर अलमारी के ऊपर रख देता है, और कहता है, "हरामखोर गाली देता है, जा अब तुझे रेलगाड़ी नहीं मिलेगी"। लेकिन लड़का भी बड़ा हरामी होता है, रो-रोकर किसी तरह अपने बाप को दो घंटे में मना ही लेता है। बाप भी उस पर तरस खा कर उसे रेलगाड़ी वापस दे देता है। लड़का फिर खेलने लगता है और रेलगाड़ी के रुकने पर कहता है, "मुंबई से दिल्ली जानेवाली ट्रैन आगरा पहुँच गई है, जिन बहनचोदों को उतरना है उतर जाएँ, और जिन बहनचोदों को चढ़ना है चढ़ जाएँ, क्योंकि पहले ही एक मादरचोद की वजह से ट्रेन दो घंटे लेट हो गई है"। <<<<<< iski maa ka ![]() |
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#74
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एक लड़का था, बड़ा हरामी और ज़िद्दी। उसका नाम डोडो था। वह एक बार किसी बात की ज़िद पकड़ लेता तो पीछे हटने का नाम न लेता। उसके ज़िद्दीपन से उसके बाप की गाँड़ से भी पानी निकल जाता था।
एक बार डोडो ने अपने बाप से कहा, "पापा मुझे स्विट्ज़रलैंड ले चलो"। बाप न कहा, "लौड़े मेरे पास पैसे नहीं है, क्या गाँड़ मरवा कर पैसे इकट्ठे करूँ?" डोडो ने कहा, "तुम गाँड़ मरवा कर पैसे लाओ या अपनी माँ चुदाकर, मुझे क्या लेना-देना? बस मुझे स्विट्ज़रलैंड ले चलो" बाप बेचारा किसी तरह अपनी फटी गाँड़ का रोना रोते हुए मार्केट से उधार ला कर डोडो को स्विट्ज़रलैंड घुमाने ले जाता है। स्विट्ज़रलैंड में डोडो अपने बाप के साथ एक हफ़्ते घूमता है, फिर उसका बाप पूछता है, "वापस इंडिया चलें बेटा?" डोडो कहता है, "नहीं स्विट्ज़रलैंड में सूअर का जूस बहुत अच्छा मिलता है, मुझे वह पिलाओ" बाप उसे सूअर का जूस पिलवाता है, और पूछता है, "वापस इंडिया चलें बेटा?" डोडो कहता है, "नहीं पहले मुझे उस कंपनी में ले कर चलो, जहाँ सूअर का जूस तैयार किया जाता है" बाप सोचता है, "किस लौड़े के बाल से पाला पड़ गया, मादरचोद जब देखो तब मेरी गाँड़ जलाता रहता है" डोडो का बाप कहता है, "नहीं बेटा कंपनी में घुसना इतना आसान नहीं है" डोडो कहता है, "तुम अगर मुझे नहीं ले जाओगे, तो मैं यहीं सड़क पर पेशाब करूँगा, और पुलिस अपने कुत्तों से तुम्हारी गाँड़ मरवाएगी, बोलो मंज़ूर है?" बाप के पास कोई चारा नहीं रहता, आख़िरकार वह डोडो को किसी तरह जूस की कंपनी में ले कर जाता है। कंपनी में पहुँचकर डोडो रोमांचित हो जाता है और अपने बाप से कहता है, "वाह पापा वाह! क्या बढ़िया सिस्टम है यहाँ, देखों सूअर मशीन में आ रहा है, फिर साफ़ हो रहा है, फिर कट रहा है, फिर उसका जूस निकलकर पैक हो रहा है मज़ा आ गया, लेकिन पापा यह तो ऐसी मशीन है, जिसमें सूअर डालो तो जूस बाहर निकलता है, क्या कोई ऐसी मशीन नहीं है, जिसमें जूस डालो तो सूअर निकलता है?" डोडो का बाप कहता है, "मादरचोद, है न ऐसी मशीन, तेरी माँ की चूत, वहाँ मैंने अपना जूस डाला था तो तेरे जैसा सूअर पैदा हुआ" maa ki kuss एक सरदार पागल किस्म का था। उसका नाम था हरप्रीत सिंह गांडू। लोग उसे गांडू-गांडू कहकर चिढ़ाते थे, एक दिन वह तंग आ जाता है, और सोचता है, कि मैं अपना नाम कोर्ट में जा कर बदलवा लूँगा। हरप्रीत सिंह गांडू कोर्ट आता है, वहाँ जज से मुलाकात करता है, जज उसे कहता है, "यार मैं एक घंटे बाद मिलूंगा, अभी खाना खाने जा रहा हूँ, तब तक अपने लिए कोई अच्छा सा नाम सोच लो" हरप्रीत सिंह गांडू एक घंटे तक कड़ी मेहनत के बाद अपना नया नाम सोचने में सफल हो जाता है। जज वापस आकर पूछता है, "हाँ तो सरदारजी आपने अपना नया नाम सोचा या नहीं?" हरप्रीत, "सोच लिया जी, अब तो आप मेरा नाम बदलकर मनप्रीत सिंह गांडू कर दो" शिक्षा: गांडू कितना भी क्यूँ न सोच ले, हमेशा गांडू ही रहता है। एक समलैंगिक आदमी लंड की तलाश में इधर-उधर घूमता रहता है, उसे गाँड़ मरवाने की तलब लगी होती है। घूमते-घूमते उसकी नज़र एक बोर्ड पर पड़ती है, जिस पर लिखा होता है, "आईए, 500 रूपए में अपनी गाँड़ मरवाइए" उसकी आँखों में चमक आ जाती है, सोचता है, अब तो यहीँ आया करूँगा, रोज़-रोज़ किसी को खोजने में बहुत समय बर्बाद हो जाता है। काउंटर पर जा कर वह कहता है, "मुझे अच्छी तरह गाँड़ मरवानी है" काउंटर पर बैठा व्यक्ति उससे 500 रुपए ले लेता है, और काउंटर की खिड़की बंद कर देता है। वह आदमी बाहर चार घंटे इंतज़ार करता है, लेकिन काउंटर की खिड़की नहीं खुलती। जब उससे रहा नहीं जाता, तो ग़ुस्से से काउंटर की खिड़की पर दस्तक देता है। काउंटर में बैठा व्यक्ति फिर खिड़की खोलता है, और पूछता है, "बताइए मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ?" आदमी ग़ुस्से से आगबबूला होते हुए कहता है, "सुना नहीं, मुझे गाँड़ मरवानी है" काउंटर पर बैठा व्यक्ति कहता है, "क्या कहा, फिर से मरवानी है, मन नहीं भरा क्या?" <<< WTF एक बार बाप और बेटा ट्रेन में सफ़र करते रहते हैं बेटे का नाम था बमबम, और वह अपने बाप को बाबूजी कहता था। ट्रैन एक पुल पर से गुज़रती रहती है, तब उसके चलने से अजीब सी आवाज़ होती है, बाप को मसखरी सूझती है तो वह कहता है, "बमबम क्या तुम जानते हो, कि जब गाड़ी पुल पर से गुज़रती है, तो कैसी आवाज़ आती है?" बमबम कहता है, "नहीं पता बाबूजी" बाप कहता है, "सुन ऐसी आवाज़ आती है, बमबम की माँ की चूत, बमबम की माँ की चूत, बमबम की माँ की चूत" बमबम की गाँड़ सुलग उठती है, समझ जाता है कि उसका बाप बड़ा मादरचोद किस्म का इंसान है, लेकिन वह मौक़े का इंतज़ार करने लगता है। थोड़ी देर बाद ट्रेन स्टेशन पर रुकती है, बाप-बेटा चाय पीने नीचे उतरते है, फिर जब ट्रेन छूटती है, तो बमबम को मौक़ा मिल ही जाता है, वह अपने बाप से कहता है, "बाबूजी, आपको पता है, कि जब ट्रैन स्टेशन से छूटती है तो कैसी आवाज़ आती है?" बाप कहता है, "नहीं पता बेटा, तुम बताओ" बमबम कहता है, "सुनिए ऐसी आवाज़ आती है, माँ की चूsssssssssssssssत किसकी बाबूजी की बाबूजी की बाबूजी की बाबूजी की बाबूजी की" ![]() |
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दो सरदार शेर का शिकार करने जंगल में जाते हैं। शेर तो नहीं मिलता अलबत्ता उन्हें ज़ोर की लैट्रिन आती है। दोनों झाड़ियों के झुरमुट में हगने चले जाते हैं। दोनों सरदार फ़ैसला करते हैं, कि अपनी पीठ-से-पीठ सटाकर हगेंगे, ताकि किसी हिंसक जानवर के हमले से एक-दूसरे को चेतावनी दे सकें। दोनों सरदार अपनी-अपनी पीठ सटाकर हगने बैठ जाते हैं, कि अचानक शेर की दहाड़ सुनकर उनकी गाँड़ फट जाती है। जल्दबाजी में दोनों अपनी गाँड़ धोने लगते हैं, लेकिन एक-दूसरे पर ज़ाहिर नहीं होने देते कि उनकी गाँड़ की धज्जियाँ उड़ रही हैं।
एक सरदार दूसरे से कहता है, "अबे तेरी गाँड़ फट रही है क्या?" दूसरा कहता है, "बिल्कुल नहीं यार, ऐसे कितने ही शेरों का सिर मैंने अपनी गाँड़ के बीच दबाकर कुचल दिया है, आने दे साले को" पहला सरदार कहता है, "लौड़े के बाल, मादरचोद तेरी गाँड़ सचमुच फट रही है, तू झूठ क्यों बोलता है, बहनचोद पाँच मिनट से देख रहा हूँ, तू अपनी गाँड़ की जगह मेरी गाँड़ धो रहा है" एक गाँव में शेर का आंतक था। शेर को मारने के लिए शहर से एक बड़े शिकारी भोसड़ोलाल चोदरे को बुलाया गया। भोसड़ोलाल को शेर मारने का लंबा अनुभव था। उसके आते ही गाँव मे ख़ुशी की लहर फैल गई। भोसड़ोलाल ने कहा, "मुझे शेर को मारने के लिए गाय की खाल चाहिए, मैं उस खाल में अपनी बंदूक ले कर छिप जाऊंगा और जंगल में जा कर शेर को ढूँढ़ूंगा। शेर मुझ पर जैसे ही हमला करेगा, मैं उसकी गाँड़ गोलियों से छलनी कर दूँगा। मैं रात 7 बजे उसका शिकार करने निकलूँगा, और तुम लोग दो घंटे मेरा इंतज़ार करना, अगर मैं वापस नहीं आया तो मेरी तलाश में लग जाना" गाँववालों को यह उपाय जँच गया। उन्होंने भोसड़ोलाल की ज़रूरत की सामग्री इकठ्ठी कर ली। सारा सामान ले कर, और गाय की खाल पहनकर भोसड़ोलाल 7 बजे जंगल चला गया। दो घंटे बीत गए, भोसड़ोलाल नहीं आया, चार घंटे बीत गए भोसड़ोलाल वापस नहीं आया। गाँववालों ने निर्णय लिया कि वे भोसड़ोलाल को ढूँढ़ने जंगल जाएंगे। जंगल के रास्ते पर उन्हें, पहले भोसड़ोलाल का मोज़ा दिखाई पड़ा, फिर उसकी टोपी, और फिर बंदूक। थोड़ा और आगे जाने पर भोसड़ोलाल गाय की खाल में लिपटा ज़मीन पर गिरा दिखाई दिया। गाय की खाल में उसकी चूत की जगह से बहुत सारा ख़ून निकल रहा था। भोसड़ोलाल अधमरा पड़ा हाँफ रहा था। गाँववालों को कुछ समझ नहीं आया कि माजरा क्या है। उन्होंने भोसड़ोलाल से पूछा, "क्यों चोदरे साहब सब ठीक तो है न, क्या शेर मारा गया और आपकी ये हालत किसने की?" भोसड़ोलाल ने कहा, "तुम्हारी और तुम्हारे शेर की माँ की चूत, <<<< OMG एक थे ठाकुर। बड़े ही ठरकी और चोदू किस्म के इंसान थे। जब वे गाँव के औरतों को चोद-चोदकर बोर हो गए, तो उनकी नज़र गाँव की भैंसों, गायों, बकरियों, कुत्तियों पर पड़ी। कई साल ऐसे ही बीत गए, ठाकुर का लौड़ा था कि बस नई-नई तरह की चूतों के सपने देखा करता था। ऐसे में एक दिन उदास हो कर ठाकुर एक तालाब के किनारे बैठे थे, तो उनकी नज़र एक मेंढकी पर पड़ी। बस उनको अपना नया शिकार मिल गया। ठाकुर ने उस मेंढकी को खूब चोदा, और फिर उसे अपनी हवेली में ले आए। अब तो हवेली में मेंढकी के ठाठ थे, वो ठाकुर की पत्नी और उसकी रंडियों पर ऐसे कमेंट करती कि उनकी झांटें सुलग उठती। ठाकुर जब शाम को आता तो मेंढकी को पुचकार कर कहता, "आओ परी बैठो जांघ पर हमारी खाओ पान सुपारी" और मेंढकी उचककर अपनी गाँड़ मरवाने पहुँच जाती। ठाकुर की पत्नी ने एक दिन मेंढकी को फँसाने की योजना बनाई। उसने ठाकुर के कपड़े पहने और अपनी जांघ पर एक गरमा-गरम तवा बाँध लिया। फिर वह मेंढकी के कमरे में गई और ठाकुर की आवाज़ में बोली, "आओ परी बैठो जांघ पर हमारी, खाओ पान सुपारी"। मेंढकी अपनी आदत के अनुसार जांघ की ओर लपकी लेकिन उसकी गाँड़ जांघ पर बंधे गर्मा-गर्म तवे पर टकरा गई, और मेंढकी की गाँड़ जलभुन गई। ठाकुर की पत्नी ख़ुश हो गई और चली गई। शाम को जब ठाकुर घर आया तो अपनी मेंढकी को आवाज़ दी, "आओ परी बैठो जांघ पर हमारी खाओ पान सुपारी" मेंढकी की गाँड़ में फोड़े पड़ गए थे, चीखकर बोली, <<<< ISKI MAA KA ![]() |
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मनप्रीत सिंह की शादी को दस साल हो जाते हैं। रोज-रोज़ अपनी बीवी की टांग उठा-उठाकर चोदता था लेकिन उसका बच्चा नहीं होता। एक दिन उसकी बीवी के पेट में दर्द होता है तो मनप्रीत भागकर डॉक्टर के पास जाता है और कहता है, "डॉक्टर साब मेरी बीवी के पेट में मरोड़ उठ रहे है, लगता है उसका बच्चा होने वाला है"
डॉक्टर मनप्रीत के साथ घर आता है, और उसकी बीवी का चेकअप करता है, फिर कहता है, "नहीं मनप्रीत तेरी बीवी के पेट में हवा (गैस) भर गई है" अगली बार मनप्रीत की बीवी के पेट में फिर दर्द होता है, तो डॉक्टर फिर कहता है कि उसकी बीवी के पेट में हवा भर गई है। ऐसा कई दिनों तक होता, है, एक दिन मनप्रीत डॉक्टर को अपने घर बुलाता है, और कहता है कि मेरी बीवी के पेट में दर्द हो रहा है। डॉक्टर उसकी बीवी का चेकअप करने के बाद वही जवाब देता है कि बीवी के पेट में हवा भर गई है, तो मनप्रीत की गाँड़ जल जाती है, और वो अपना लंड निकालकर डॉक्टर को दिखाता है और कहता है, "भोसड़ी के डॉक्टर, ठीक से देख, ये तुझे लौड़ा दिखाई देता है या हवा भरने का पंप" ![]() |
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