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#1
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SPERM THERAPHY
FIRST OF ALL HAPPY NEW YEAR
STORY STARTS FROM TOMORROW |
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#2
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ALL CREDIT GOES TO (MUNNA LAL GUPTA)
YEH KAHANI EK SATYA GHATNA PAR AADHARID HE..LEKIN ISKE SABHI PATRO KE NAAM KALPANIK HE AAJ SUBHA SE HI MOUSAM BAHUT ROMANTIC THA...RIM JIM PANI BARAS RAHA THA.... ME IS VICHAR ME THA KE AAJ OFFIC KAISE PAHOCHUNGA. ITNE ME BARIS BANDH HO GAYE HALAKI OFFICE KE LIYE ABHI BAHUT SAMAY THA PHIR BHI ME NIKAL PADA OFFICE ME SAFAI CHAL RAHI THI..ME SIDHE APNE KABIN ME CHALA GAYA AUR COMPUTER ON KERKE MAIL CHECK KIYA.. MAINE SOCHA AB KYA KARE OFFICE ME KOI THA NAHI TO ME NET PAR PORN SITE KHOL KAR VIDEO CLIPS KA MAJAA LENE LAGA DEKHTE DEKHTE ME ITNA UTTEJIT HO GAYA KI ME APNA LUND PENT KE BAHAR NIKAL KAR SAHLANE LAGA ME APNE ME PURI TARHA MAST THA AUR MUJHE PATA HI NAHI CHALA KE IS BICH RASHMI (RECEPNIST) KAB AA KAR MERI IS HARKAT KO NIHAR RAHI HE YE TO MUJHE TAB PATA CHALA JAB RECEPTION PAR PHONE KI CHANTI ACHANAK BAJI AUR USKO ATTENT KARNA KE LIYE MERI CABIK KE TARAF SE BHAGI..MAINE TURANT NER BANDH KIYA AUR APNE KHADE LUND KO PENT ME KISI TARHA DAL KAR RASHMI KO DARTE HUE AWAAZ LAGAI YEH JAN NE KE LIYE KE USNE MUJHE US HALAT ME DEKHA HE YA NAHI USKE VIYAVHAR PE PATA CHAL JAYEGA MERE BULANE PAR VOH THODI DER KE BAAD AAI AUR SAR JUKA KAR BOLI YES SIR keep enjoying keep replying ((kamse kam 10 reply pe story update hogi)) Last edited by RIDER MEMON : 31st December 2010 at 10:02 PM. |
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#3
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Iss naye saal ke mawke par main ne apne poem thread par ek naya poem likh kar post kiya hai jo nazrane ke tawr par apne sabhi friends ke thread par post kar raha hoon shubhkaamnawon ke saath. Naya saal mubarak ho!! I wrote this poem and posted on my poem thread on new year's occasion and am sharing it with friends with best wishes for the New year. Happy new year 2011 to all. ![]() ![]() |
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#4
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AP ME APNE SATE READERS SE KEH DU KI AAP KAHNI HINDI FONT ME POST HO GI
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#5
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AB ME APNE SARE READERS SE KEH DU KI AB KAHANI HINDI FONT ME POST HO GI
(JISKE COMPUTER ME HINDI FONT NAHI HE VO YAHA SE HINDI FONT DOWNLOAD KAR SAKTA HE AUR YE BILKUL FREE HE) http://www.bharatdarshan.co.nz/hindi...downloads.html download karke open start menu > control panel now open fonts(control panel me font naam ka ek program he) ab download kiya hua font usme paste kardo bas khatam tha na easy ? ? ? Last edited by RIDER MEMON : 1st January 2011 at 04:27 PM. |
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#6
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Good start!
SPERM added.... ooops...i mean repps added to youJoin Date: 8th April 2010 Location: surat Posts: 147 Rep Power: 2 Points: 105+25 |
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#7
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मैंने पूछा- तुम कब आई?
वह थोड़ी सी रुकी, मेरी पैन्ट की तरफ देखा और मुस्करा कर बोली- जब आप कम्प्यूटर पर बहुत व्यस्त थे... सर ! मैं सकपका कर हिम्मत कर के बोला- ओह ! तो तुमने कम्प्यूटर पर सब कुछ देख लिया? जी... ! आप जो कर रहे थे वह भी मैंने देख लिया ! क्या देखा ? मैंने मुस्कराकर पूछा। वह बोली- आप का 'वो' बहुत सेक्सी है ! 'वो' क्या? मैंने पूछा। वह बेशर्मी से बोली- आप का काले तिल वाला लन्ड ! तुम्हें मेरा लन्ड पसन्द है? तो वह बोली- जी ! मैंने बगैर देरी किये तुरन्त पैन्ट की जिप खोल कर लन्ड को बाहर निकाला जोकि अभी भी खडा़ था, उसको दिखाया और बोला- इसको अपने हाथ से पकड़ो और फिर बताओ कि कैसा है? वह बोली- सर कोई आ जाएगा........!! मैंने कहा- ठीक है, आज मैं पूरे आफिस की छुट्टी कर देता हूँ ! और मैंने फोन कर के सबको सूचित कर दिया कि आज अधिक बारिश के कारण ऑफ़िस बन्द रहेगा। फिर मैंने रश्मि से कहा- मुख्य-द्वार को अन्दर से लॉक कर दो ! वह अपनी कंटीली मुस्कुराहट के साथ दरवाज़ा लॉक करने चली गई। इसके बाद मैंने अपनी पैन्ट को खोल कर थोड़ा नीचे सरकाया ताकि पूरा लन्ड दिखे, जिसको देख कर वह प्रभावित हो जाये और मेरी सालों की हसरत पूरी हो जाये। खैर मैं अपना लन्ड सहलाने लगा। तभी रश्मि हौले से अपना कदम मेरे केबिन में रखते ही बोली- माई गॉड ! यह तो बहुत लम्बा और मोटा है... सर ! उसने बिना किसी डर के मेरी पैन्ट पूरी उतार दी, मेरा लौड़ा बाहर निकाला और चूसने लगी। मेरा लौड़ा और ज्यादा तन गया। वह ऐसे चूस रही थी जैसे काफी समय से प्यासी हो। मैं भी रश्मि की चूचियों को कुर्ते के ऊपर से ही धीरे-2 दबाने लगा। उसकी चूचियां काफी बड़ी लग रहीं थी। वह मेरे लंड को बहुत अच्छी तरह से चूस रही थी। मैंने भी उसके मुँह को धीरे-2 चोदना शुरु किया उसको और मजा आने लगा। अब वह मेरा पूरा का पूरा लौड़ा अपने मुंह में ले रही थी और एक हाथ से मेरे अण्डकोषों और दूसरे हाथ से अपनी चूत को सलवार के ऊपर से सहला रही थी। शायद वह बहुत उत्तेजित हो चुकी थी। यह देख कर मैंने उससे कहा- अब तुम अपने सारे कपड़े उतार दो ! मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकालते हुए वह बोली- ठीक है सर...! मैं भी यही सोच रही थी ! और खड़ी हो कर वह अपने कपड़े उतारने लगी, मैंने अपने लंड की तरफ देखा, सुपाड़ा फूल कर लाल टमाटर की तरह हो गया था और मेरा लौड़ा रश्मि की चूत में घुसने के लिये पूरे साइज़ में तैयार था । इस बीच रश्मि पूरी तरह नंगी हो चुकी थी, क्या गजब की उसकी फीगर थी ! जैसे किसी मूर्तिकार ने बड़े इतमिनान से उसे तराशा हो ! गोरा रंग, सुन्दर बॉब कट घने बाल, तीखे नाक-नक्श, नशीली नीली आँखें, सुराही दार गर्दन, बड़ी-2 ठोस चूचियाँ, पतली कमर, सुडौल उभरे हुए चूतड़, चूत के माथे पर झाँटों की एक बारीक रेखा और उसके बगल में एक काला तिल, जो कि उसकी चूत को और सेक्सी बना रहा था, केले के तने जैसी उसकी जांघें ! कुल मिलाकर वह आकाश से उतरी कामासक्त अप्सरा लग रही थी, जिसका एहसास मुझे आज हुआ ... इससे पहले रश्मि को हमने हमेशा ढीले-ढाले कपड़ों में ही देखा था। मैं कभी सोच नहीं सकता था कि उसका जिस्म इतना खूबसूरत होगा यदि मैंने आज उसे नंगी देखा न होता। " कहाँ खो गए...सर ?" रश्मि ने धीरे से कहा और मेरा लंड फिर से पकड़ कर सहलाने लगी। कुछ नहीं ! मैं तो तुम्हारी सुन्दर फीगर और चूत पर काला तिल, देख कर होश खो बैठा...! वह धीरे से मुस्कराई और बोली- आप के लन्ड के सुपाड़े के ऊपर की खाल पर भी तो काला तिल है जिसको देखते ही मैं जान गई कि आप भी बहुत बड़े चोदू हैं दुनिया की किसी भी लड़की को संतुष्ट कर सकने की क्षमता आप में है सर...। आप भी अपनी शर्ट उतारिए ना ! तुम्हीं उतार दो ना... ! मैंने मुस्कराते हुए कहा। वो बे-झिझक मेरी शर्ट उतार कर और मेरे खड़े लंड को पकड़े थ्री-सीटर सोफे की तरफ खींचते हुए ले गई और वहाँ मुझे आराम से बैठा दिया और खुद फर्श पर घुटनों के बल बैठ कर मेरा लंड फिर से चूसने लगी। मैं भी आराम से बैठ कर उसके मुँह को चोदने लगा। कोई 15 मिनट चुसाने के बाद मेरा लण्ड जब झड़ने वाला था तो मैंने रश्मि से कहा कि वो अपना मुँह मेरे लंड से हटा ले ताकि मैं बाहर झड़ सकूँ। वह बोली- मैं आप का सोमरस पियूँगी ! और लगी कस के चूसने ! और फ़िर मैं एक झटके से उसके मुँह में झड़ गया। उसने मेरा सारा वीर्य बड़े चाव से स्वाद ले कर गटक लिया। रश्मि का ब्लो-जोब इतना खास था कि मेरे जैसा चोदू और अनुभवी आदमी जिसको झड़ने के लिए कम से कम 45 मिनट चाहिए, उसको रश्मि ने मात्र 15 मिनट में ही खलास कर दिया। मैं बगैर पूछे न रह सका- रश्मि डार्लिंग ! यह बताओ ! आम तौर पर भारतीय नारी वीर्य नहीं पीती है, फिर तुमने मेरा सारा वीर्य क्यों पिया? उसने अपनी पूरी स्पर्म थैरेपी की बात बतानी शुरू की... story 10 reply pe update hogi |
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#8
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ek ghanta ho gaya liken abhi tak koi reply nahi aaya sivai casiner ke.. story 400 baar view ho chuki he par sirf ek reply
kya bas lena hi jante ho dena nahii ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() ye me apne enjoy ke liye likh raha hu ya tumhare ? ? ? ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() |
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#9
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repped u continue
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#10
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yaar sirf do reply ? ? ?
![]() ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() me soch raha hu iske baad kabhi story nahi post karunga par ab ye story post kar di he to ise bina relpy ke bhi pura to kar hi dunga Last edited by RIDER MEMON : 1st January 2011 at 09:48 PM. |